ईचागढ़ की बेटी प्रीति महतो ने रचा इतिहास, संस्कृत ऑनर्स में हासिल किया गोल्ड मेडल
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल के लिए मंगलवार का
दिन गौरव और खुशी लेकर आया। ईचागढ़ प्रखंड के चोगा गांव की रहने वाली प्रीति महतो ने संस्कृत ऑनर्स में
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal)
हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
उन्हें जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष
गंगवार की मौजूदगी में सम्मानित किया गया। जमशेदपुर स्थित एक्सएलआरआई के सभागार में आयोजित दीक्षांत
समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कुल 54 छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। वहीं विश्वविद्यालय की
करीब 1990 छात्राओं को डिग्री और प्रमाण पत्र दिए गए। इन 54
स्वर्ण पदक विजेताओं में ईचागढ़ की
प्रीति महतो भी शामिल रहीं। प्रीति महतो ने जमशेदपुर महिला
विश्वविद्यालय से संस्कृत ऑनर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी
की। उन्होंने इस दौरान 77
प्रतिशत अंक हासिल किए। अपने उत्कृष्ट
प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने विश्वविद्यालय में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। प्रीति की सफलता इसलिए भी खास है,
क्योंकि उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच
अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए यह मुकाम हासिल किया है। उनकी उपलब्धि से उनके मायके और
ससुराल पक्ष के साथ-साथ पूरे ईचागढ़ और चांडिल क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्रीति महतो के पिता गुणाधर
महतो किसान हैं, जबकि
उनकी माता सुगामनी महतो गृहिणी हैं। किसान परिवार से आने वाली प्रीति
ने अपनी मेहनत, लगन
और शिक्षा के प्रति समर्पण के दम पर उच्च शिक्षा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर
दसवीं तक की पढ़ाई शहीद अजीत धनंजय महतो शिक्षा निकेतन,
चोगा से पूरी की। इसके बाद
उन्होंने महिला कॉलेज, चाईबासा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जमशेदपुर
महिला विश्वविद्यालय का रुख किया और संस्कृत विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की। प्रीति महतो की कहानी उन छात्राओं के
लिए भी प्रेरणा है, जो
पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देती हैं। वर्ष 2025 में शादी के बाद भी प्रीति ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनका विवाह आजसू नेता हरेलाल
महतो के चचेरे भाई अमित महतो के साथ हुआ। शादी के बाद चांडिल के
धातकीडीह स्थित ससुराल में रहते हुए भी उन्होंने उच्च शिक्षा का सफर जारी रखा। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि पारिवारिक
जिम्मेदारियों के साथ भी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में
नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं। प्रीति महतो ने संस्कृत ऑनर्स की पढ़ाई
के साथ डीएलएड (D.El.Ed) की डिग्री भी हासिल की है। वर्तमान में
वह जमशेदपुर
महिला विश्वविद्यालय से संस्कृत विषय में एमए की पढ़ाई कर रही हैं। उनका लक्ष्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में
आगे बढ़ते हुए अपनी पढ़ाई और ज्ञान का उपयोग समाज के लिए करना है। प्रीति महतो के स्वर्ण पदक जीतने की खबर
सामने आने के बाद ईचागढ़ और चांडिल अनुमंडल में खुशी का
माहौल है। स्थानीय लोगों ने उनकी उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए
गौरव की बात बताया है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्वविद्यालय
स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल करने वाली प्रीति ने यह साबित किया है कि संसाधनों की
कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का जज्बा हो। प्रीति
की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे चांडिल अनुमंडल का मान बढ़ाया है।77 प्रतिशत
अंक के साथ हासिल किया स्वर्ण पदक
किसान
पिता की बेटी ने मेहनत से हासिल किया मुकाम
शादी
के बाद भी नहीं छोड़ी पढ़ाई
D.El.Ed की
डिग्री भी हासिल कर चुकी हैं प्रीति
चांडिल
और ईचागढ़ में खुशी का माहौल














