जामताड़ा। जामताड़ा अंचल अंतर्गत पाकडीह मौजा में वर्षों से चले आ रहे जमीन विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। न्यायालय के आदेश के आलोक में पाकडीह मौजा के खाता संख्या 7 के अंतर्गत दाग संख्या 13, 14, 196 और 197 की कुल 360 डिसमिल जमीन की मापी और सीमांकन किया गया। इस दौरान पुलिस बल, अंचल कर्मियों और संबंधित मौजा के रैयतों की मौजूदगी में अमीन ने जमीन की सीमाओं को चिह्नित किया। सीमांकन के बाद जमीन की पहचान स्पष्ट करने के लिए निर्धारित स्थानों पर लाल झंडे गाड़े गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित जमीन को लेकर तीन पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला अनुमंडल न्यायालय से शुरू होकर कमिश्नर न्यायालय और फिर हाईकोर्ट तक पहुंचा। कानूनी प्रक्रिया के दौरान अनुमंडल न्यायालय की ओर से बंदोबस्ती को फौती घोषित किया गया था। इसके बाद मामला कमिश्नर न्यायालय पहुंचा, जहां नजरुल अंसारी के पक्ष में आदेश पारित किया गया। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तीनों पक्षों के बीच हुए समझौते के आधार पर संबंधित जमीन पर अपने-अपने हिस्से के अनुसार दखल-कब्जा करने का आदेश दिया। इसी आदेश के अनुपालन में जमीन की मापी और सीमांकन कराने के लिए अनुमंडल न्यायालय में आवेदन दिया गया था। इसके बाद न्यायालय की ओर से सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

न्यायालय के निर्देश के बाद अमीन पाकडीह मौजा पहुंचे और खाता संख्या 7 के दाग संख्या 13, 14, 196 और 197 की कुल 360 डिसमिल जमीन की मापी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल और अंचल कर्मी मौजूद रहे। संबंधित रैयतों की उपस्थिति में जमीन की सीमाओं को चिह्नित किया गया। इसके बाद निर्धारित स्थानों पर लाल झंडे लगाए गए, ताकि जमीन की सीमा की पहचान स्पष्ट हो सके।

विवाद के समाधान की जगी उम्मीद

पाकडीह मौजा में हुई इस कार्रवाई को वर्षों पुराने जमीन विवाद के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जमीन के हिस्से और दखल-कब्जे को लेकर विवाद के कारण मामला लंबे समय तक विभिन्न न्यायिक स्तरों पर चला। अब न्यायालय के आदेश के आलोक में मापी और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पक्षों के बीच विवाद सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि, विवाद का स्थायी समाधान न्यायालय के आदेश और आपसी समझौते के अनुरूप जमीन पर दखल-कब्जे की स्थिति स्पष्ट होने पर निर्भर करेगा। फिलहाल, पाकडीह मौजा में 360 डिसमिल जमीन की मापी और सीमांकन की कार्रवाई पूरी कर ली गई है।