चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ में अवैध बालू के परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। सोमवार देर रात सोनुआ के अंचल अधिकारी (सीओ) अनुज टेटे ने सोनुआ-चक्रधरपुर मुख्य सड़क पर छापेमारी कर अवैध बालू लदे दो हाईवा और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े। हालांकि, कार्रवाई के दौरान एक हाईवा कथित तौर पर सीओ को चकमा देकर थाना के सामने से फरार हो गया। बाद में जब्त किए गए तीन वाहनों को खनन विभाग की कार्रवाई के बाद सोनुआ थाना को सौंप दिया गया।

जानकारी के अनुसार, सीओ अनुज टेटे अवैध बालू के परिवहन पर रोक लगाने के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान सोनुआ-चक्रधरपुर मुख्य सड़क पर बालू लदे चार वाहन पकड़े गए। जब्त वाहनों को लेकर अधिकारी सोनुआ थाना पहुंचे, लेकिन इसी बीच एक हाईवा फरार होने में सफल रहा। इसके बाद दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक हाईवा को जिला खनन विभाग को सौंप दिया गया।

जिला खनन विभाग ने अवैध बालू लदे तीनों वाहनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें सोनुआ थाना के सुपुर्द कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध बालू के कारोबार में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।

कारो नदी से बालू परिवहन फिर शुरू होने की चर्चा

बताया जा रहा है कि 15 अक्टूबर की मध्यरात्रि के बाद एनजीटी से संबंधित प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद गुदड़ी और गोइलकेरा क्षेत्र में कारो नदी के बालू घाटों से बालू का परिवहन फिर शुरू हुआ है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि कुछ वाहन रात के अंधेरे में अवैध रूप से बालू लेकर गोइलकेरा से चक्रधरपुर की ओर रवाना होते हैं। हालांकि, बालू परिवहन की वैधता और संबंधित घाटों की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जा सकती है।

खनन टास्क फोर्स की बैठक के बाद कार्रवाई

गौरतलब है कि सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणू की मौजूदगी में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई थी। बैठक में अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर रोक लगाने के साथ-साथ राजस्व संग्रह पर जोर दिया गया था।

इसके बाद सोनुआ सीओ अनुज टेटे की ओर से चलाए गए छापेमारी अभियान में तीन वाहनों को जब्त किए जाने की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब अवैध बालू के परिवहन पर नियंत्रण और फरार हाईवा के संबंध में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।