घाटशिला: ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को संताली टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। सोशियो इकोनॉमी एंड रिसर्च सेंटर, रामगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस परीक्षा का उद्देश्य संताली भाषा, संस्कृति और ओलचिकी लिपि के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करना और समाज को अपनी भाषा एवं पारंपरिक व्यवस्था से जोड़ना रहा।

दो केंद्रों पर हुई परीक्षा

परीक्षा का आयोजन दो केंद्रों पर किया गया। पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला कॉलेज केंद्र पर कुल 200 परीक्षार्थियों में से 195 ने परीक्षा दी। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर स्थित आरसीएम पब्लिक स्कूल केंद्र पर 155 में से 153 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।

परीक्षा नियंत्रक राजकुमार मार्डी के अनुसार, दोनों केंद्रों को मिलाकर कुल 355 परीक्षार्थियों में से 348 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। दोनों केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

हर वर्ष आयोजित होगी परीक्षा

संस्था के संस्थापक डॉ. सत्यनारायण मुर्मू ने बताया कि ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने की खुशी में संताली टैलेंट सर्च परीक्षा अब प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से संताल समाज के लोगों को अपनी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्था से जोड़ने तथा ओलचिकी लिपि को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

10 सितंबर को रिजल्ट, 13 सितंबर को सम्मान समारोह

परीक्षा का परिणाम 10 सितंबर 2026 को घोषित किया जाएगा। सफल अभ्यर्थियों के लिए पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 13 सितंबर 2026 को राजनगर, सरायकेला-खरसावां में आयोजित किया जाएगा।

प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को एक-एक साइकिल पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। चौथे से दसवें स्थान तक के विद्यार्थियों को स्टडी टेबल, 11वें से 15वें स्थान तक स्कूल बैग और 16वें से 20वें स्थान तक लंच बॉक्स दिया जाएगा।

सभी सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा समारोह में समाज के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्रेष्ठ शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा।

शिक्षा को समाज की तरक्की का आधार बताया

परीक्षा के दौरान वीक्षक भुजंग टुडू ने कहा कि शिक्षा के अभाव में समाज लंबे समय तक पीछे रहा, लेकिन इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों और युवाओं में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ समाज को नई दिशा देने का काम कर रही हैं।

परीक्षा के सफल आयोजन में भुजंग टुडू, सत्य रंजन सोरेन, माझिया बास्के, हाराधन माण्डी, हरेन्द्र टुडू, सुधीर चन्द्र मुर्मू, पीताम्बर हांसदा, डुमका मुर्मू, विशाल मार्डी, निहाल प्रधान, चुनाराम सोरेन, चाम्पा मुर्मू एवं शाम्भु सोरेन फुदान चंद्र समेत अन्य वीक्षकों की भूमिका रही।