घाघरा में शहीद संतोष उरांव की प्रतिमा धराशायी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
घाघरा गुमला जिले के घाघरा प्रखंड के चपका चौक में स्थापित शहीद संतोष उरांव की
प्रतिमा अचानक ध्वस्त होकर सड़क पर बिखर गई। प्रतिमा के गिरने की घटना के बाद
स्थानीय लोगों में नाराजगी है और प्रतिमा के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की
गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का
कहना है कि प्रतिमा का निर्माण अपेक्षित मजबूती और गुणवत्ता के साथ नहीं कराया गया
था। लोगों के अनुसार, निर्माण
के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और कमजोर सामग्री के इस्तेमाल की आशंका
है। हालांकि, प्रतिमा गिरने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं
हुई है। बताया गया कि शहीद संतोष कुमार 17 नवंबर 2023 को शहीद हुए थे। उनकी पहली पुण्यतिथि
के अवसर पर चपका चौक के समीप उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी। प्रतिमा स्थापना
कार्यक्रम में सामाजिक, राजनीतिक
और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
सभी ने शहीद संतोष उरांव को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इसके बाद 2025 में भी शहीद संतोष उरांव की पुण्यतिथि पर
कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी। लेकिन प्रतिमा स्थापित हुए
अभी दो वर्ष भी पूरे नहीं हुए और वह धराशायी होकर सड़क पर बिखर गई। प्रतिमा के गिरने के
बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर बिखरे प्रतिमा के अवशेषों को समेटकर सुरक्षित
स्थान पर रख दिया। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का
कहना है कि शहीद की प्रतिमा महज एक मूर्ति नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के
गौरव, सम्मान और शहादत की
पहचान है। ऐसे में प्रतिमा का इस तरह टूटकर गिर जाना बेहद चिंताजनक
है। ग्रामीणों ने प्रतिमा
निर्माण में गुणवत्ता की जांच कराने और दोष सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने की
मांग की है। लोगों का कहना है कि शहीद के सम्मान से जुड़े स्मारक के निर्माण में
मजबूती और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल प्रतिमा गिरने
के कारणों को लेकर आधिकारिक जांच या पुष्टि का इंतजार है। अब लोगों की नजर इस बात
पर टिकी है कि शहीद संतोष उरांव की
प्रतिमा दोबारा कब स्थापित की जाएगी और नई प्रतिमा के निर्माण में गुणवत्ता एवं
मजबूती के मानकों का कितना ध्यान रखा जाएगा।















