झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से 277 प्रतिनिधि जंतर-मंतर पहुंचेंगे, केंद्रीय अध्यक्ष लालटू महतो ने केंद्र सरकार से की पहल की मांग
जमशेदपुर: कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग को लेकर कुड़मी सेना आंदोलन को तेज करने की तैयारी में है। संगठन की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करने की घोषणा की गई है। कुड़मी सेना के केंद्रीय अध्यक्ष लालटू महतो ने बताया कि झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से संगठन के 277 प्रतिनिधि दिल्ली के जंतर-मंतर पर काला दिवस मनाने के लिए पहुंचने जा रहे हैं। इस दौरान कुड़मी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांगों को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा। लालटू महतो ने कहा कि कुड़मी समाज लंबे समय से अपने अधिकारों और पहचान को लेकर संघर्ष करता रहा है। समाज की प्रमुख मांगों में कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना और कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करना शामिल है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन समाज के अधिकार, भाषा, संस्कृति और पहचान से जुड़ा हुआ है। सरकार को कुड़मी समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और इन्हें पूरा करने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। कुड़मी सेना के केंद्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि कुड़मी समाज की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री से इस मुद्दे पर पहल करने की अपील की। लालटू महतो ने कहा कि कुड़मी समाज सरकार बनाने में सहयोग करने की क्षमता रखता है और जरूरत पड़ने पर राजनीतिक रूप से पीछे हटने में भी संकोच नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि समाज अपने अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। कुड़मी सेना के अनुसार, दिल्ली में होने वाले आंदोलन का उद्देश्य सरकार के सामने समाज की मांगों को मजबूती से रखना है। संगठन भाषा, संस्कृति, पहचान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा।भाषा और ST दर्जे की मांग को लेकर आंदोलन
केंद्रीय गृह मंत्री से सकारात्मक पहल की मांग
दिल्ली में बुलंद होगी आवाज















