JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने पर राज्य सरकार का दावा, कहा- सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया फैसला
रांची: झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित CGL परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा है। कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव अमर कुमार की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में कहा गया है कि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र में परीक्षा रद्द करने के निर्णय से जुड़े तथ्यों और सरकार के रुख की जानकारी अदालत को दी गई है। मामले की सुनवाई के दौरान कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव अमर कुमार की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया। इसमें सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के फैसले को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सरकार के मुताबिक, परीक्षा रद्द करने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए की गई है। अब इस मामले में हाईकोर्ट में आगे की सुनवाई के दौरान सरकार के शपथ पत्र में दिए गए तथ्यों और दलीलों पर विचार किया जाएगा। JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े इस मामले का सीधा असर परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों पर पड़ता है। ऐसे में राज्य सरकार के शपथ पत्र के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर हाईकोर्ट की आगे की सुनवाई और अदालत के निर्देश पर है। परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को लेकर पहले से ही कानूनी प्रक्रिया चल रही है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान परीक्षा रद्द करने के आधार और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।हाईकोर्ट में सरकार ने दाखिल किया शपथ पत्र
अभ्यर्थियों की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर














