हर 12 दिन में चढ़ता है खून, 8 साल के अनूप को बचाने के लिए चाहिए 45.55 लाख रुपये: माता-पिता ने लोगों से लगाई गुहार
पटमदा: झारखंड के पटमदा क्षेत्र के धतकीडीह गांव में रहने वाले एक किसान परिवार की उम्मीदें अपने 8 साल के बेटे अनूप महतो के बेहतर भविष्य पर टिकी हैं। अनूप थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। उसे स्वस्थ जीवन देने के लिए माता-पिता आकाश महतो और गुलापी महतो हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इलाज के लिए जरूरी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसे में परिवार ने आम लोगों से मदद की गुहार लगाई है। परिवार के अनुसार, अनूप को करीब नौ महीने की उम्र से ही खून चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। वर्तमान में हर 12 दिन में उसे खून चढ़ाना पड़ता है। लगातार इलाज और अस्पताल के चक्कर के बीच परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहा है। बेटे के बेहतर इलाज की उम्मीद में परिवार ने बेंगलुरु में भी चिकित्सकीय सलाह ली। माता-पिता के मुताबिक, वहां बोन मैरो ट्रांसप्लांट के विकल्प के बारे में जानकारी मिली और इसके लिए करीब 45 लाख 55 हजार रुपये खर्च होने की बात बताई गई। एक सामान्य किसान परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है। अनूप के माता-पिता चाहते हैं कि उनका बेटा भी दूसरे बच्चों की तरह स्कूल जा सके, खेल सके और एक सामान्य बचपन जी सके। इसी उम्मीद के साथ वे समाज के लोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। परिवार की ओर से सभी संवेदनशील लोगों से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे अनूप के इलाज में यथासंभव आर्थिक सहयोग करें। परिवार का कहना है कि लोगों की छोटी-छोटी मदद भी इस मुश्किल समय में बड़ी उम्मीद बन सकती है। सामूहिक सहयोग से इलाज के लिए जरूरी राशि जुटाने में मदद मिल सकती है। लोगों से अपील है कि वे अनूप की मदद के लिए आगे आएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करें। आपकी मदद इस परिवार को मुश्किल समय में सहारा दे सकती है और अनूप के इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन सकती है। खाताधारक: GULAPI MAHATO सहयोग राशि भेजने से पहले कृपया बैंक खाते, लाभार्थी और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि अवश्य कर लें।बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए चाहिए 45.55 लाख रुपये
लोगों से विनम्र निवेदन, अपनी क्षमता के अनुसार करें मदद
आर्थिक सहयोग के लिए बैंक विवरण
अकाउंट नंबर: 450510110016036
IFSC कोड: BKID0004505
UPI नंबर: 7070807551
UPI नाम: AKASH MAHATO















