हजारीबाग रैयती जमीन पर बाउंड्री निर्माण को लेकर विवाद, मारपीट का आरोप; एसपी से सुरक्षा की मांग
हजारीबाग : बरही थाना क्षेत्र के हरिला गांव में
रैयती जमीन पर बाउंड्री निर्माण को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। हरिला
निवासी बद्री यादव ने हजारीबाग के पुलिस
अधीक्षक को आवेदन देकर कुछ लोगों पर जमीन पर बाउंड्री निर्माण कराने का प्रयास
करने, विरोध करने पर
गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर
कार्रवाई करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस
अधीक्षक को दिए आवेदन में बद्री यादव ने बताया कि हरिला गांव में प्राथमिक मध्य
विद्यालय के सामने खाता संख्या 19,
प्लॉट संख्या 1582,
रकबा 24 डिसमिल जमीन उनकी रैयती जमीन है। वर्तमान में
विद्यालय के चारों ओर चाहरदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। आवेदन
के अनुसार, निर्माण कार्य के
दौरान उनकी जमीन की मापी कराए बिना बाउंड्री का काम उनकी जमीन की ओर कराया जा रहा
था। बद्री यादव का आरोप है कि 1 अक्टूबर को सुबह
करीब 10 बजे उन्होंने मौके पर
पहुंचकर निर्माण कार्य का विरोध किया। इस दौरान परमेश्वर गोप समेत अन्य लोगों
द्वारा उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। बद्री
यादव का कहना है कि उन्हें दोबारा निर्माण कार्य में बाधा डालने पर गंभीर परिणाम
भुगतने की धमकी भी दी गई। पीड़ित के मुताबिक, घटना के बाद उन्होंने बरही थाना में
आवेदन दिया और अपने गैरेज चले गए। आवेदन
में आरोप लगाया गया है कि उसी दिन शाम करीब छह बजे कुछ लोग कथित रूप से लाठी-डंडे
लेकर उनके गैरेज पहुंचे और उनके साथ दोबारा मारपीट की। बद्री यादव ने राकेश कुमार, रुपेश कुमार, पियुष कुमार, सतीश गोप और
परमेश्वर गोप समेत अन्य लोगों पर मारपीट करने का आरोप
लगाया है। उन्होंने
आवेदन में दावा किया है कि मारपीट के दौरान उनके दाहिने हाथ में चोट लगी, कपड़े फाड़ दिए गए और गैरेज में रखा
सामान भी क्षतिग्रस्त किया गया। बद्री यादव के अनुसार, शोर मचाने और 112 नंबर पर सूचना देने के बाद आरोपी वहां से चले गए। बद्री
यादव ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने, आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने
तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि,
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से
पुष्टि नहीं हुई है। आरोपित पक्ष का बयान भी सामने नहीं आया
है। जमीन के स्वामित्व, बाउंड्री
निर्माण और मारपीट से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही
स्पष्ट हो सकेगी।














