नवडीहा ओपी में बिचौलियों के खिलाफ गरजा माले, डेढ़ घंटे तक घेराव, 7 दिन का अल्टीमेटम, सड़क जाम की चेतावनी
गिरिडीह: भाकपा माले जमुआ पूर्वी कमेटी और ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ मंगलवार को नवडीहा ओपी का जोरदार घेराव किया। गांधी चौक से बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता और ग्रामीण नारेबाजी करते हुए ओपी पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने ओपी के मुख्य द्वार पर बैनर लगाकर करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी की। घेराव के दौरान माले नेताओं ने थाना परिसर में कथित बिचौलियों की दखलअंदाजी, जमीन विवादों में जमीन माफियाओं के प्रभाव, महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई और क्षेत्र में बालू के कथित अवैध उठाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन की अध्यक्षता रामकुमार वर्मा ने की, जबकि संचालन इंकलाबी नौजवान सभा के प्रखंड सचिव वीरेंद्र कुमार वर्मा ने किया। इस दौरान माले कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माले के जिला सचिव अशोक पासवान ने आरोप लगाया कि गरीब और जरूरतमंद लोग जब अपनी शिकायत लेकर थाना पहुंचते हैं, तो उनकी समस्याओं को सीधे सुनने के बजाय कथित तौर पर बिचौलियों को अधिक तरजीह दी जाती है। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच किसी भी प्रकार के बिचौलिये की भूमिका स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि थाने में कथित बिचौलियों की दखलअंदाजी पर तत्काल रोक लगाई जाए और आम लोगों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। माले नेता विजय पांडेय ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देर रात तक थाना परिसर में जमे रहते हैं। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि थाना आम जनता की सुरक्षा और शिकायतों के समाधान का स्थान है, न कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति या कथित बिचौलिये का अड्डा। माले नेताओं ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान माले नेताओं ने पुलिस प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया। विजय पांडेय ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं हुआ और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके तहत गोंदलीटांड़ के पास बेंगाबाद-चतरो मुख्य मार्ग को जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। राज्य कमेटी सदस्य मीना दास ने महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुनवाई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने महिला उत्पीड़न समेत अन्य मामलों में पीड़ित महिलाओं को बार-बार थाना का चक्कर नहीं लगवाने और संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग की। ओपी घेराव के दौरान क्षेत्र में जमीन विवाद और बालू के कथित अवैध उठाव का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। माले नेताओं ने आरोप लगाया कि जमीन विवादों में प्रभावशाली लोगों और कथित जमीन माफियाओं का प्रभाव आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। माले ने पुलिस-प्रशासन से ऐसे मामलों में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता। घेराव समाप्त होने से पहले आंदोलनकारियों और नवडीहा ओपी प्रभारी के बीच वार्ता हुई। ओपी प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी बिचौलिए को संरक्षण नहीं देती है। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद से जुड़े मामलों में अंचलाधिकारी (सीओ) के निर्देश और प्रचलित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों को शिकायत की पावती उपलब्ध कराने और एफआईआर दर्ज होने की स्थिति में उसकी प्रति उपलब्ध कराने के नियमों का सख्ती से पालन करने का आश्वासन दिया। वार्ता के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, माले नेताओं ने साफ कर दिया कि यदि सात दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और बेंगाबाद-चतरो मुख्य मार्ग जाम कर प्रशासन के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।गरीबों की शिकायतों में बिचौलियों की भूमिका पर माले का हमला
देर रात तक थाना परिसर में लोगों के जमे रहने का आरोप
7 दिन का अल्टीमेटम, सुधार नहीं हुआ तो मुख्य मार्ग जाम
महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग
जमीन विवाद और बालू के कथित अवैध उठाव का मुद्दा भी उठा
ओपी प्रभारी ने कहा- किसी बिचौलिए को संरक्षण नहीं















