गिरिडीह गदर गांव बंद खदान से 24 घंटे बाद मनोज यादव का शव बरामद
गिरिडीह: जिले के गावां प्रखंड अंतर्गत गदर पंचायत भवन के पीछे स्थित बंद खदान में डूबे 40 वर्षीय मनोज यादव का शव करीब 24 घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद बाहर निकाला गया। शव बरामद होते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। स्वजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। मौके पर पहुंची गावां पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार, गदर गांव निवासी 40 वर्षीय मनोज यादव, पिता स्वर्गीय चन्दर यादव, गुरुवार की दोपहर गदर पंचायत भवन के पीछे स्थित बंद खदान के पास अपने पशुओं को चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह खदान के गहरे पानी में जा गिरे। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह देखते ही देखते डूब गए। घटना के समय आसपास पशु चरा रही महिलाओं ने उन्हें डूबते देखा और शोर मचाया। इसके बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर जुट गए और घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गावां पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से खदान में डूबे व्यक्ति की तलाश शुरू की गई। काफी प्रयास के बावजूद पहले दिन शव का पता नहीं चल सका। इसके बाद खदान से पानी निकालने का प्रयास किया गया। करीब 24 घंटे तक चले बचाव अभियान के दौरान खदान से लगभग चार से पांच फीट पानी निकाला गया। इसके बाद झगड़ डालकर पानी के अंदर शव की तलाश शुरू की गई। काफी देर की मशक्कत के बाद झगड़ में शव फंस गया। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों और अन्य लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। मनोज यादव का शव बाहर आते ही परिजनों का धैर्य टूट गया। स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। फिलहाल गावां पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेज दिया है। घटना के बाद गदर गांव में शोक का माहौल है। वहीं, बंद पड़ी खदान में जमा गहरे पानी को लेकर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।पशुओं को चराने के दौरान हुआ हादसा
24 घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान
शव मिलते ही परिजनों में मचा कोहराम















