गढ़वा में खुले में मांस-मछली बिक्री के कथित नोटिस पर सियासी हलचल, युवा नेता ने उठाए सवाल
गढ़वा झारखंड के गढ़वा में
खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाने संबंधी कथित नोटिस को लेकर राजनीतिक
हलचल तेज हो गई है। नगर परिषद के नाम से जारी बताए जा रहे इस नोटिस की प्रामाणिकता
पर एक युवा नेता ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी नोटिस के जरिए
हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मांस-मछली की खुले
में बिक्री पर रोक से संबंधित नोटिस की चर्चा के बाद मामला सामने आया। युवा नेता
का कहना है कि संवेदनशील विषयों पर किसी भी सूचना को आधिकारिक पुष्टि के बिना प्रसारित
नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने नोटिस की वास्तविकता स्पष्ट करने की मांग की है। युवा नेता ने आरोप
लगाया कि कुछ लोग कथित तौर पर फर्जी नोटिस के माध्यम से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने
का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच
कराने और नोटिस की सच्चाई सार्वजनिक करने की मांग की। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में नगर परिषद की ओर से
नोटिस की प्रामाणिकता या उसे जारी किए जाने के संबंध में आधिकारिक पुष्टि का
उल्लेख नहीं है। ऐसे में नोटिस को वास्तविक मानने से पहले संबंधित विभाग का पक्ष
सामने आना जरूरी है। मामले में नगर परिषद
की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति
स्पष्ट हो सकेगी।कथित नोटिस को लेकर
उठे सवाल
निष्पक्ष जांच की
मांग
आधिकारिक पुष्टि का
इंतजार














