रांची:  झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान कर दिया गया है। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा है कि परीक्षा विवाद के बाद अब लड़ाई केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उच्च शिक्षा और पूरे भर्ती सिस्टम में सुधार को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए कहा—“थैंक यू CM SIR, लेकिन अब इस सिस्टम को भी पटरी पर लाइए।”

‘अब उच्च शिक्षा के रिफॉर्म की लड़ाई’

देवेंद्रनाथ महतो ने आंदोलन के दूसरे चरण को उच्च शिक्षा में सुधार से जोड़ते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए व्यवस्था में बुनियादी बदलाव जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द करना या जांच कराना पर्याप्त नहीं है। जरूरत इस बात की है कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जिसमें भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश ही न रहे।

उनके मुताबिक भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम की मांग

देवेंद्रनाथ महतो ने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके।

उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन के दूसरे चरण में परीक्षा सुधार, उच्च शिक्षा में सुधार और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

सरकार ने बनाई कमेटी

इस बीच सरकार की ओर से भी परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाया गया है। सरकार ने अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है।

अब इस कमेटी की सिफारिशों और उसके आधार पर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर छात्रों और युवा संगठनों की नजर रहेगी।

‘झारखंड के सिस्टम को बचाइए CM SIR’

देवेंद्रनाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से व्यवस्था में व्यापक सुधार की अपील करते हुए कहा कि झारखंड के सिस्टम को बचाने की जरूरत है।

उनका कहना है कि छात्रों की लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह लड़ाई व्यवस्था यानी सिस्टम में सुधार के लिए है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 

“लड़ाई किसी दल से नहीं, सिस्टम से है।”

यानी आंदोलन के दूसरे चरण में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा जोर व्यवस्था में बदलाव और शिक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया में सुधार पर रहने का संकेत दिया गया है।

पहले चरण के बाद अब आंदोलन का फोकस बदला

JSSC-CGL समेत प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चले आंदोलन के पहले चरण में छात्रों की प्रमुख मांग परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई रही। अब आंदोलन का दूसरा चरण इससे आगे बढ़कर पूरे सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर शुरू करने की तैयारी है।

देवेंद्रनाथ महतो का संदेश साफ है कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद आंदोलन खत्म नहीं माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार कमेटी की सिफारिशों के जरिए परीक्षा और उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐसा सुधार कर पाएगी, जिससे भविष्य में छात्रों को दोबारा सड़क पर उतरने की जरूरत न पड़े?

आंदोलन के दूसरे चरण में क्या होगा?

  • उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
  • पेपर लीक रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय
  • भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता
  • परीक्षा प्रक्रिया को जवाबदेह बनाने की मांग
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
  • शिक्षा और भर्ती सिस्टम में व्यापक सुधार

देवेंद्रनाथ महतो के ऐलान के बाद अब  ये देखना दिलचस्प होगा कि झारखंड में छात्र आंदोलन का अगला चरण किस दिशा में जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।