दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ से पहले बढ़ी घर लौटने की टेंशन, बेंगलुरु से झारखंड की ट्रेनों में सीटें फुल, स्पेशल ट्रेन की मांग
रांची: दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों से पहले बेंगलुरु में रहने वाले झारखंड, बिहार और ओडिशा के लोगों के सामने घर लौटने की मुश्किल बढ़ गई है। बेंगलुरु से झारखंड आने वाली कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं, जबकि कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो चुकी है। यात्रियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन (JRUA) ने रेलवे से तत्काल स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है। JRUA ने इस संबंध में साउथ वेस्टर्न रेलवे के बेंगलुरु डिवीजन के DRM को पत्र भेजकर त्योहारों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि समय रहते फैसला नहीं लिया गया तो हजारों यात्रियों को घर लौटने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यात्रियों की सुविधा के लिए JRUA ने रेलवे के सामने कई रूट पर स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा है। पहले प्रस्ताव में येलहंका से धनबाद के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की गई है। प्रस्तावित ट्रेन को DMM, GNT, RGDA, RNC और BKSC होते हुए चलाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा हुसूर या बेंगलुरु से हटिया के लिए भी स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की गई है। एसोसिएशन ने इन रूटों पर सप्ताह में दो दिन ट्रेन चलाने और कुल 32 अप-डाउन ट्रिप संचालित करने का प्रस्ताव रखा है। JRUA ने दूसरे प्रस्ताव में येलहंका से टाटानगर और आदित्यपुर के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की है। प्रस्ताव के मुताबिक ट्रेन को GTL, YG, CHZ, BZA, VZM और BBS के रास्ते चलाया जा सकता है। इस रूट पर कुल 16 ट्रिप चलाने का सुझाव दिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस रूट पर अतिरिक्त ट्रेनें चलने से बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में रहने वाले झारखंड के यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है। एसोसिएशन के अनुसार, बेंगलुरु से रांची आने वाली SMVB-हटिया एक्सप्रेस और SMVB-हटिया सुपरफास्ट एक्सप्रेस में कई श्रेणियों में बुकिंग की स्थिति बेहद खराब है। कई श्रेणियों में REGRET दिखाई दे रहा है, यानी उपलब्ध सीटों की सीमा समाप्त हो चुकी है। एसोसिएशन ने यह भी बताया है कि 15 अक्टूबर की ट्रेन के पूरी तरह रद्द होने की जानकारी यात्रियों के सामने आई है, जिससे त्योहार के दौरान घर लौटने की योजना बना रहे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। बेंगलुरु से टाटानगर जाने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों को सीट के लिए जूझना पड़ रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक, कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच चुकी है। वहीं, बेंगलुरु से बोकारो स्टील सिटी और धनबाद के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं होने के कारण इन क्षेत्रों के यात्रियों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। JRUA ने यह भी कहा कि हैदराबाद से टाटानगर के लिए सीधी ट्रेन नहीं होने के कारण दक्षिण भारत में रहने वाले झारखंड के यात्रियों के सामने अतिरिक्त परेशानी है। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार, कर्मचारी और परिवार अपने गांव-शहर लौटते हैं। ऐसे में सीमित ट्रेनों और लंबी वेटिंग के कारण यात्रियों को या तो महंगे किराये पर दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं या फिर कनेक्टिंग ट्रेनों के जरिए लंबी यात्रा करनी पड़ती है। JRUA का कहना है कि अगर रेलवे समय रहते अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा करता है तो यात्री पहले से टिकट बुक कर सकेंगे और त्योहार के समय अचानक बढ़ने वाली भीड़ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। JRUA के अध्यक्ष कुमार अभिषेक, सचिव नैयर इमाम और कोषाध्यक्ष छोटी कुमारी ने रेलवे से जल्द से जल्द स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ से पहले ट्रेनों की मांग हर साल बढ़ती है। ऐसे में रेलवे को यात्रियों की संख्या को देखते हुए पहले से तैयारी करनी चाहिए। JRUA ने रेलवे से अपील की है कि त्योहार शुरू होने से पहले स्पेशल ट्रेनों की घोषणा और टिकट बुकिंग शुरू की जाए, ताकि बेंगलुरु और दक्षिण भारत के दूसरे शहरों में रहने वाले झारखंड, बिहार और ओडिशा के लोग बिना परेशानी अपने घर पहुंच सकें और परिवार के साथ त्योहार मना सकें।दो प्रमुख रूट पर स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव
येलहंका-टाटानगर रूट पर भी स्पेशल ट्रेन की मांग
बेंगलुरु-रांची ट्रेनों में सीटों का संकट
टाटानगर जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग 100 के पार
महंगे टिकट और लंबी वेटिंग से यात्री परेशान
रेलवे से जल्द फैसला लेने की अपील















