गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा, इलेक्ट्रिक स्कूटी हटाने गए 8 साल के कुशल की करंट लगने से मौत
गाजियाबाद: अंकुर विहार थाना क्षेत्र की चमन विहार कॉलोनी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में आठ वर्षीय बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घर में चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक स्कूटी को हटाने के दौरान बच्चा चार्जिंग तार की चपेट में आ गया। हादसे के समय बच्चे के माता-पिता एक रिश्तेदार की मौत के बाद मथुरा गए हुए थे। मूल रूप से फिरोजाबाद के नगरीया फरोला निवासी धर्मेंद्र वर्ष 2015 से चमन विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे हैं। वह घर के पास हलवाई की दुकान चलाते हैं। परिवार में पत्नी रानी देवी और चार बच्चे हैं। शुक्रवार को एक रिश्तेदार की मौत के कारण धर्मेंद्र अपनी पत्नी और अन्य परिजनों के साथ मथुरा गए थे। घर पर बच्चे मौजूद थे। बताया गया कि धर्मेंद्र ने मकान के निचले तल पर इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग पर लगा रखी थी। आठ वर्षीय युग उर्फ कुशल नीचे पहुंचा और स्कूटी को हटाने लगा। इसी दौरान वह चार्जिंग तार में उलझ गया और करंट की चपेट में आ गया। तार उसके गले में फंस गया, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा। कुछ समय बाद उसका चचेरा भाई शिवम घर पहुंचा। कुशल को जमीन पर पड़ा देखकर उसने तार हटाने की कोशिश की, लेकिन उसे भी करंट का झटका लगा। इसके बाद शिवम ने डंडे की मदद से तार हटाने का प्रयास किया। जब तार नहीं हटा तो शिवम छत पर गया और घर की बिजली की मेन लाइन बंद कर दी। इसके बाद उसने पड़ोसियों को बुलाया। अचेत हालत में पड़े कुशल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शिवम ने हादसे की जानकारी कुशल के पिता धर्मेंद्र को दी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही धर्मेंद्र और रानी देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य वापस लौटे और अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में बेटे का शव देखकर माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के मुताबिक, बेटे को इस हालत में देखकर दोनों बार-बार यही कहते रहे कि अगर वे घर से बाहर नहीं गए होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली है। फिलहाल कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।चार्जिंग तार में उलझा मासूम
बिजली की मेन लाइन बंद कर बचाने की कोशिश
बेटे का शव देखकर बेसुध हुए माता-पिता















