सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार में आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को सहयोग हेल्पलाइन और सहयोग पोर्टल लॉन्च किया। सरकार का दावा है कि अब राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी समस्या दर्ज करा सकेगा और 30 दिनों के भीतर उसका समाधान किया जाएगा। पटना स्थित संवाद भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस नई व्यवस्था की शुरुआत की गई। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री  विजेंदर प्रसाद यादव  समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार ने लोगों की शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर  1100 जारी किया है। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत के लिए पोर्टल भी शुरू किया गया है। सहयोग पोर्टल sahyog bihar gov in सरकार के मुताबिक लोग बिजली  पानी  सड़क  राशन  पेंशन  जमीन विवाद  सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। जो लोग ऑनलाइन शिकायत नहीं कर सकते  वे सीधे 1100 नंबर पर कॉल करके अपनी समस्या बता सकेंगे। हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक काम करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल या हेल्पलाइन पर दर्ज हर शिकायत का 30 दिनों के भीतर निपटारा करना अनिवार्य होगा। शिकायत लंबित रहने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी हुई  तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर निलंबन और सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जा सकती है। नई व्यवस्था के तहत हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत सरकार भवनों में सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और समाधान की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।इसी नंबर से लोग अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि यह पहल बिहार में डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य आम लोगों को तेज  आसान और पारदर्शी सरकारी सेवा उपलब्ध कराना है।