गुमला। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने व संशोधन की प्रक्रिया को लेकर सोमवार को गुमला में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला और समाहरणालय पहुंचकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए।

यह प्रदर्शन झारखंड कांग्रेस के 28 सितंबर के राज्यव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें पार्टी ने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने की घोषणा की थी।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी तिग्गा ने किया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।

ज्ञापन में SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की समीक्षा कराने की मांग की गई। इसके अलावा निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था और डेटा प्रबंधन की स्वतंत्र एवं व्यापक जांच की मांग भी रखी गई।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। पार्टी ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और CEC ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए।

देश के अलग-अलग हिस्सों में भी कांग्रेस ने SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदर्शन किए हैं। पार्टी इन प्रदर्शनों के जरिए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर जवाबदेही की मांग कर रही है।

चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सह जिला प्रभारी शमशेर आलम ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और मतदाता सूची की शुचिता इसमें अहम भूमिका निभाती है।

उन्होंने SIR के दौरान नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना था कि जिन नागरिकों के नाम को लेकर आपत्ति या बदलाव की स्थिति बनती है, उन्हें अपना पक्ष रखने और आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।

शमशेर आलम ने निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली, डेटा प्रबंधन और डेटा के केंद्रीकरण से जुड़े मुद्दों की स्वतंत्र तकनीकी एवं संस्थागत समीक्षा की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर गंभीर अनियमितता या कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी तिग्गा ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने SIR के तहत मतदाता सूची में हो रहे बदलावों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और उचित सत्यापन के बिना नहीं हटाया जाना चाहिए।

रजनी तिग्गा ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने और जांच के बाद यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो कानूनी कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे का भी उल्लेख किया। ये कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं।

राष्ट्रपति से स्वतंत्र जांच की मांग

कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच, उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण फैसलों की समीक्षा और SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच की मांग की।

इसके साथ ही निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था और डेटा प्रबंधन की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई।

ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेसी आशिक अंसारी, आफताब आलम लाडले, SIR प्रभारी अनिरुद्ध चौबे, रोहित उरांव, सुजीत जायसवाल, मनीष हिंदुस्तान, सीमा देवी, अरुण कुमार, मिन्हाज खान, बैबुल अंसारी, शाहजहां अंसारी, चंद्रशेखर उरांव, रूपेश कुमार सन्नी, रफी अली, आशीषनाथ सहदेव, आजाद अंसारी, गुलाम सरवर, जय सिंह, रामनिवास प्रसाद, फिरोज आलम, खालिद साह, सगीर आलम, रजब अंसारी, आदित्य भगत, राजू उरांव, अजीत केरकेट्टा, प्रदीप नींज, प्रदीप खलखो, विकास साहू, मोख्तार आलम, निलेश उरांव, इस्माइल कुजूर और जॉय कुजूर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके अलावा अमृता भगत, साहेब वसीम, ऋषिकांत साहू, अमित साहू, भुनेश्वर राम, सौरव कुमार भगत, जेवियर लकड़ा, यशोदा देवी, दिलबहारा अंसारी, फूलवती कुजूर, प्रकाश उरांव, दीपेंद्र महली, आयशर खान, रामकिशुन बड़ाईक, विजय उरांव, एजाज आलम, मुजाहिद अंसारी, रहमान अंसारी, अभिषेक सोरेंग, पंचम बिलुंग और अभिषेक कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।