जामताड़ा RTO ई-चालान के नाम पर APK भेजकर साइबर ठगी, जामताड़ा में दो गिरफ्तार 4 मोबाइल और 3 सिम बरामद
जामताड़ा : RTO ई-चालान
के नाम पर APK फाइल
भेजकर साइबर ठगी करने के आरोप में जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने दो
युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभु
कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के
सुंदरजोरी गांव में छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई।गिरफ्तार आरोपियों की
पहचान सुंदरजोरी निवासी गौतम कुमार मंडल (21), पिता बलराम मंडल और सोनु
कुमार मंडल (19), पिता
रंजीत मंडल के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार,
पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) अमित
कुमार के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गई थी। टीम ने सुंदरजोरी
स्थित सोनु कुमार मंडल के घर पर छापेमारी की, जहां से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार
किया गया। पुलिस ने मौके से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक,
आरोपी लोगों के WhatsApp नंबर पर RTO
ई-चालान के नाम पर APK
फाइल भेजते थे। मैसेज के
जरिए लोगों को ई-चालान से संबंधित APK फाइल डाउनलोड और मोबाइल में इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित किया
जाता था।पुलिस का कहना है कि APK
इंस्टॉल होने के बाद आरोपियों द्वारा
मोबाइल में मौजूद गोपनीय जानकारी हासिल की जाती थी। इसके बाद
ई-वॉलेट के माध्यम से
साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई है।पुलिस के अनुसार,
आरोपियों का कथित साइबर अपराध नेटवर्क
देश के अलग-अलग राज्यों तक फैला हुआ था। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड
की जांच के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही
है। मामले को लेकर साइबर
अपराध थाना कांड संख्या 60/26, दिनांक 21 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय
न्याय संहिता, आईटी
एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।छापेमारी दल में
साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक पुष्पेश्वर दास, पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार गुप्ता समेत रिजर्व गार्ड के
आरक्षी और हवलदार शामिल थे। अनजान नंबर से RTO ई-चालान, ट्रैफिक जुर्माना या किसी सरकारी सेवा
के नाम पर भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। आधिकारिक चालान की
जानकारी केवल विश्वसनीय सरकारी माध्यम से ही जांचें।WhatsApp पर
भेजते थे फर्जी APK फाइल
साइबर थाना में मामला
दर्ज
जरूरी साइबर अलर्ट














