हजारीबाग में रास्ता बंद होने से परेशान मजदूर परिवार पहुंचा डीसी के पास, अतिक्रमण जांच का आश्वासन
हजारीबाग: विष्णुगढ़ अंचल के
चेतमा इमर टोली निवासी एक मजदूर परिवार अपने घर तक आने-जाने का रास्ता कथित रूप से
बंद किए जाने की शिकायत लेकर शुक्रवार को उपायुक्त के पास पहुंचा। बबलू कुमार सिंह
और उनकी पत्नी ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर गैरमजरुआ खास जमीन पर अतिक्रमण कर
रास्ता बंद करने और धमकी दिए जाने का आरोप लगाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए
उपायुक्त ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। बबलू
कुमार सिंह के अनुसार उनके घर से मुख्य सड़क तक आने-जाने का एकमात्र रास्ता गैरमजरुआ
खास खाता संख्या 167 के
प्लॉट संख्या 1030 और
1027 से होकर गुजरता है।
आरोप है कि इस रास्ते पर पक्की घेराबंदी कर आवागमन रोक दिया गया है। परिवार का
कहना है कि रास्ता बंद होने के कारण घर से निकलने में परेशानी हो रही है। इससे
बच्चों की पढ़ाई और परिवार के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। आवेदन
में परिवार ने बताया है कि उन्होंने अप्रैल 2024 में अंचल कार्यालय में शिकायत देकर
मामले के समाधान की मांग शुरू की थी। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी और उपायुक्त के
जनता दरबार में भी आवेदन दिया गया। परिवार का दावा है कि सीमांकन की कार्रवाई होने
के बावजूद अब तक रास्ते को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया गया है। पीड़ित
परिवार ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष सीमांकन कराने, अतिक्रमण के आरोपों की जांच कर आवश्यक
कार्रवाई करने और आवागमन का रास्ता बहाल कराने की मांग की है। साथ ही धमकी दिए
जाने के आरोपों की भी जांच की गुहार लगाई गई है। उपायुक्त
ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब परिवार को उम्मीद है कि जांच के
बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार
कार्रवाई कर रास्ता बहाल कराया जाएगा।एकमात्र रास्ता बंद
होने का आरोप
दो साल से कार्रवाई
का इंतजार















