धनबाद: सांसद का नाम, पद और राजनीतिक रसूख इस्तेमाल कर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि धनबाद के सांसद की पहचान बताकर पुणे के एक कारोबारी को सामूहिक विवाह और बड़े सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कराने का झांसा दिया गया। इस बहाने उससे 12 लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली गई। मामले की जांच करते हुए पुणे क्राइम ब्रांच की टीम धनबाद पहुंची और जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के भागा से मुख्य आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग किया।

सांसद बनकर कारोबारी को दिया कार्यक्रम का झांसा

पुणे क्राइम ब्रांच के अधिकारी के मुताबिक, आरोपी बबलू ने कथित तौर पर खुद को धनबाद का सांसद बताकर शिवाजीनगर निवासी कारोबारी से संपर्क किया था। उसने धनबाद में सामूहिक विवाह और अन्य बड़े सामूहिक कार्यक्रम आयोजित कराने की बात कही। अपनी कथित राजनीतिक पहचान और प्रभाव का हवाला देकर उसने कारोबारी का भरोसा जीता।

इसके बाद अलग-अलग चरणों में कारोबारी से करीब 12 लाख रुपये ले लिए। काफी समय गुजरने के बाद भी जब कार्यक्रम के आयोजन को लेकर कोई पहल नहीं हुई तो कारोबारी को ठगी का संदेह हुआ। उसने पुणे में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कांड संख्या 270/26 दर्ज किया गया है।

किशोरी के मोबाइल से पुलिस आरोपी तक पहुंची

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर बातचीत करता था। इसी क्रम में उसने एक किशोरी का मोबाइल फोन भी इस्तेमाल किया था।

पुलिस ने मोबाइल फोन को ट्रेस किया तो जांच की कड़ी किशोरी तक पहुंची। पूछताछ में उसने बताया कि बबलू नाम के एक व्यक्ति ने उससे मोबाइल लेकर किसी से बातचीत की थी। इसके बाद पुलिस किशोरी की निशानदेही पर जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के भागा पहुंची और बबलू को गिरफ्तार कर लिया।

तीन लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ा

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक किशोरी समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ पूरी होने के बाद तीन लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि बबलू को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुणे क्राइम ब्रांच के अधिकारी के अनुसार, ठगी की रकम 12 लाख रुपये से अधिक होने की आशंका है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से दूसरे लोगों को भी निशाना बनाया है या नहीं।

रिमांड पर लेने की तैयारी में पुलिस

गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस उससे आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ठगी की इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या आरोपी ने अकेले ही पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया।