कंस्ट्रक्शन कंपनी कर्मी मंजेश कुमार की हत्या बिहार झारखंड सीमा के जंगल से शव बरामद
गिरिडीह : तिसरी थाना क्षेत्र से करीब 15 किलोमीटर दूर बिहार सीमा से सटे जमुई
जिले के चिहरा थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मी मंजेश
कुमार का शव पिपरातरी जंगल के समीप से बरामद होने के बाद इलाके में
सनसनी फैल गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सिर पर वार कर हत्या किए जाने की आशंका
जताई जा रही है। हालांकि, हत्या
की वजह और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हुई हैं। मिली
जानकारी के अनुसार, मंजेश
कुमार बीते रविवार को खटपोंक पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे कंस्ट्रक्शन कंपनी का
काम कर रहा था। इसी दौरान दोपहर में बाइक सवार लोगों द्वारा उसे अगवा किए जाने की
बात सामने आई। घटना के बाद मंजेश के भाई ने तिसरी थाना में लिखित आवेदन देकर उसकी
सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई थी। इसके
बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। तिसरी पुलिस ने मामले को
गंभीरता से लेते हुए मंजेश की तलाश शुरू की। इसी दौरान दलपतडीह/भोगताडीह निवासी पिंटू यादव के खोरीमहुआ एसडीपीओ
के समक्ष सरेंडर करने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर
खोजबीन शुरू की। पिंटू
यादव की निशानदेही पर मंगलवार सुबह बिहार के जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र
अंतर्गत पिपरातरी जंगल के समीप पुलिस ने
मंजेश कुमार का शव बरामद किया। प्रारंभिक
जांच में सिर पर वार कर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हत्या के बाद शव
को जंगल में फेंके जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि,
पुलिस ने अभी तक हत्या के कारण और घटना
में शामिल लोगों को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस
के अनुसार, मामले की जांच के
दौरान तिसरी थाना पुलिस ने खटपोंक पंचायत क्षेत्र से पांच
लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। वहीं, पुलिस की लगातार छापेमारी के बीच पिंटू
यादव के खोरीमहुआ में सरेंडर करने की बात सामने आई। वहीं,
इस हत्या के मामले में प्रोजेक्ट मैनेजर उपेंद्र चौधरी की भूमिका की बात भी
सामने आ रही है, हालांकि
इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
मंजेश की हत्या क्यों की गई, वारदात
में कितने लोग शामिल थे और किस हथियार का इस्तेमाल किया गया, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। मंजेश
के लापता होने की सूचना के बाद एसडीपीओ के नेतृत्व में तिसरी थाना प्रभारी शंभूनाथ ईश्वर ने पुलिस बल के साथ
लगातार छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। करीब 30 घंटे के भीतर पुलिस ने जंगल से मंजेश
का शव बरामद कर लिया। शव
बरामद होने के बाद अब पुलिस का मुख्य फोकस हत्या की वजह और घटना में शामिल अन्य
लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है। खोरीमहुआ
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने कहा कि मामले के
सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही मीडिया के समक्ष
पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। घटना
की सूचना मिलने के बाद माले के पूर्व विधायक राजकुमार
यादव तिसरी थाना पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें
ढांढस बंधाया। पूर्व
विधायक ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट मैनेजर
उपेंद्र चौधरी की साजिश से इस हत्या को अंजाम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हत्या में जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने
संवेदक हरे राम चौधरी से भी बात कर पीड़ित
परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। पूर्व विधायक के अनुसार, संवेदक ने मुआवजा देने की बात स्वीकार
की है। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलता है तो सड़क
निर्माण कार्य को रोक दिया जाएगा। पूर्व
विधायक ने कहा कि इस तरह की हत्या समाज के लिए बेहद चिंताजनक और विकास कार्यों के
लिए बाधक है।बाइक सवार लोगों द्वारा अगवा किए जाने
की बात
जंगल से बरामद हुआ शव
5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
30 घंटे के भीतर बरामद हुआ शव
जांच पूरी होने के बाद होगा खुलासा : SDPO
पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने परिजनों
से की मुलाकात















