रांची: 27 अक्टूबर 2026। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजीव रंजन प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस पार्टी पर सवाल खड़े करने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि मताधिकार छीनना लोकतंत्र पर हमला है और कांग्रेस पार्टी तथा राहुल गांधी इसी अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

प्रेस बयान जारी करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन हाल के दिनों में चुनावी प्रक्रिया में कथित पक्षपात और राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की। उनके अनुसार, कांग्रेस ने देश की संवैधानिक संस्थाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि भाजपा पर इन संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सवालों का जवाब चुनाव आयोग, विशेषकर मुख्य चुनाव आयुक्त को देना चाहिए, लेकिन भाजपा के नेता इन मुद्दों पर जवाब दे रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान नागरिकों को मताधिकार देता है और इस अधिकार को प्रभावित करने वाले कथित हथकंडों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली देश के राजनीतिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।

शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सरकार की नीतियों से असहमति जताना और शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 19(1)(b) में शांतिपूर्ण सभा करने के अधिकार का उल्लेख किया।

भाजपा पर राजनीतिक विमर्श की मर्यादा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब जनता के सवालों का जवाब देना मुश्किल होता है, तब मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं को केंद्र में रखकर बयानबाजी की जाती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक चर्चा के लिए अनुचित बताया।

मतदाता सूची से नाम हटने पर जवाबदेही की मांग

कांग्रेस महासचिव ने मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम कथित रूप से हटाए जाने के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग से जवाब मांगना प्रत्येक राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ठोस आंकड़ों या साक्ष्यों के कांग्रेस के आंदोलन को घुसपैठियों से जोड़ना जनता का ध्यान मुख्य मुद्दे से भटकाने का प्रयास है।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस उन नागरिकों के साथ खड़ी है, जिनके नाम कथित तौर पर गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मताधिकार की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।