20 सितंबर 2026:बोकारो जिले के चास अनुमंडल क्षेत्र स्थित राजकीय अनुसूचित जाति आवासीय उच्च विद्यालय, मिर्धा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों ने स्कूल के गेट के सामने धरना दिया। छात्रों ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी, पढ़ाई की गुणवत्ता और भोजन व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।सरकार की ओर से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवासीय विद्यालय संचालित किए जाते हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के रहने, पढ़ने और भोजन की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाती है। लेकिन मिर्धा स्थित आवासीय विद्यालय के छात्रों ने इन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।

छात्रों ने लगाए कई गंभीर आरोप

धरना दे रहे छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों ने पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा भोजन की व्यवस्था को लेकर भी बच्चों ने शिकायत की है।छात्रों के मुताबिक उन्हें कई बार कम मात्रा में खाना दिया जाता है, जबकि कभी-कभी बासी भोजन दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अलग खाना तैयार किया जाता है, जबकि बच्चों के लिए अलग भोजन बनाया जाता है।

रसोइया पर शराब पीकर आने का आरोप

छात्रों ने विद्यालय के रसोइया पर शराब के नशे में स्कूल आने और बच्चों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया है।वहीं, विद्यालय के प्राचार्य ने रसोइया के शराब पीकर आने की बात स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, छात्रों द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गेट के सामने छात्रों ने दिया धरना

समस्याओं से नाराज छात्रों ने विद्यालय के मुख्य गेट के सामने धरना देकर अपनी शिकायतें रखीं। छात्रों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें बेहतर भोजन के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।मामले में छात्रों विवेक कुमार रजवार, निकी कुमार रजवार, असित कुमार भारती और राखाल बाउरी के बयान लिए गए हैं। वहीं विद्यालय के प्राचार्य और जेएलजेएम नेता जयदेव महतो का पक्ष भी मामले में सामने आया है।अब देखने वाली बात होगी कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और विद्यालय की व्यवस्था में कितना सुधार होता है।