अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामले में नया मोड़, पति कुशाग्र रुद्र ने वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप
हजारीबाग: झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की मौत के मामले में उनके पति कुशाग्र रुद्र का बयान सामने आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कुशाग्र ने खुद पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। साथ ही उसने अनुष्का के पिता पर कारोबार में हस्तक्षेप करने और कंपनी में निदेशक बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। हालांकि, कुशाग्र की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में सभी पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच अहम होगी। अपने वीडियो बयान में कुशाग्र रुद्र ने कहा कि वह अनुष्का से प्यार करता था और उसके प्रति उसकी भावनाएं आज भी बरकरार हैं। उसने दावा किया कि अनुष्का के पिता उसके कारोबार में हस्तक्षेप करना चाहते थे और कंपनी में निदेशक बनने का दबाव बनाते थे। कुशाग्र के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर उनके बीच मतभेद होते थे। कुशाग्र ने अपने बयान में अनुष्का के मायके पक्ष को आर्थिक सहायता देने का दावा किया। उसने राशन, कार, आईफोन, बुलेट और शादी की सालगिरह पर खर्च करने का भी जिक्र किया। इसके अलावा उसने मनोज महतो के साथ कथित वित्तीय लेन-देन और जेपीएससी परीक्षा से जुड़े भुगतान को लेकर भी आरोप लगाए। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है। संबंधित पक्षों का जवाब भी मामले को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा। कुशाग्र ने अपने बयान में अनुष्का के रांची में रहने, उनके पेशेवर संपर्कों और करियर को लेकर मतभेद होने की बात कही। उसने एक अन्य अधिवक्ता पर भी अनुष्का को प्रभावित करने का आरोप लगाया। इसके अलावा, कुशाग्र ने अनुष्का की गर्भावस्था और गर्भपात को लेकर भी दावे किए हैं। इन संवेदनशील दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच और विश्वसनीय साक्ष्यों के बिना इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। कुशाग्र रुद्र ने पुलिस प्रशासन से अपने ऊपर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसके बयान में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की बात भी कही गई थी। हालांकि, आत्मसमर्पण या अदालत में सरेंडर किए जाने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। अनुष्का चक्रवर्ती की मौत के मामले में उनके परिजन पहले ही गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। अब कुशाग्र रुद्र का बयान सामने आने के बाद मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और दावों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल, मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस की जांच, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य निर्णायक होंगे। जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष के आरोपों को अंतिम निष्कर्ष मानना उचित नहीं होगा।कारोबार में हस्तक्षेप और निदेशक बनाने के दबाव का आरोप
पैसों के लेन-देन को लेकर भी किए दावे
निजी जीवन और करियर को लेकर भी लगाए आरोप
निष्पक्ष जांच की मांग
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें















