DLSA सचिव राम कुमार लाल गुप्ता ने कहा- हर बच्चे को भयमुक्त माहौल, सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा का अधिकार
घाघरा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गुमला की ओर से घाघरा स्थित प्लस टू एसएस हाई स्कूल और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के सभागार में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जागरूक करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के सचिव राम कुमार लाल गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त वातावरण में सुरक्षा, संरक्षण, स्वास्थ्य और शिक्षा का अधिकार है। उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी देते हुए किसी भी असहज स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता या भरोसेमंद व्यक्ति से बात करने की सलाह दी। सचिव ने बच्चों को मोबाइल फोन के दुरुपयोग और सदुपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के सबसे बड़े शुभचिंतक होते हैं। इसलिए बच्चों को अपनी समस्याएं और किसी भी तरह की परेशानी बिना डर के अपने माता-पिता से साझा करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों की सहायता के लिए जिले में बाल कल्याण समिति (CWC), जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), झारखंड पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार हमेशा मदद के लिए तैयार हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलाव को लेकर भी शिक्षकों और संबंधित लोगों को जागरूक किया गया। कहा गया कि जो बच्चे सामान्य तौर पर स्कूल में हंसते-खेलते रहते हैं और अचानक उनके व्यवहार में बदलाव नजर आने लगे, तो ऐसे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे बच्चों की काउंसलिंग कराने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बच्चों की बातों को सुना और उनके समाधान को लेकर आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में एसएस हाई स्कूल की प्राचार्य श्रीमती जयासेन गुप्ता, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार, अफसाना खातून, अधिवक्ता अनूप कुमार, पीएलबी राजेश कुमार पंडित, नीलम कुमारी, जसीनता कुजूर, बसंत कुमार, नवीन कुमार समेत विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।मोबाइल के सही इस्तेमाल की दी जानकारी
बच्चों में अचानक बदलाव दिखे तो काउंसलिंग जरूरी
बच्चों ने साझा की अपनी समस्याएं















