गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन JMM, BJP समेत अन्य दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच मंत्री हफीजुल हसन के बयान से यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या दिवंगत विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के परिवार से श्वेता शर्मा को JMM का टिकट मिलेगा और क्या पार्टी उन्हें मंत्री बनाकर चुनाव मैदान में उतारेगी।

हफीजुल हसन ने कहा कि उपचुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू के विकास कार्य और उनके निधन से पैदा हुई सहानुभूति की अहम भूमिका रहेगी। हालांकि, श्वेता शर्मा को मंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। ऐसे में अंतिम फैसला JMM के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर टिका है।

सहानुभूति लहर को लेकर हफीजुल हसन का दावा

हफीजुल हसन ने कहा कि किसी विधायक या मंत्री की कार्यकाल के दौरान मौत होने पर उनके परिवार के सदस्य को टिकट मिलने से सहानुभूति वोट मिलने का इतिहास रहा है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में JMM और उसके गठबंधन ने कई उपचुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए कहा कि वह केवल नेता नहीं, बल्कि जमीनी कार्यकर्ता भी थे। उनके अनुसार, गिरिडीह के विकास के लिए सुदिव्य सोनू ने कई महत्वपूर्ण काम किए और गिरिडीह को राज्य का पहला सोलर सिटी बनाने की दिशा में भी पहल हुई।

क्या श्वेता शर्मा को मंत्री बनाकर चुनाव लड़ाएगी JMM?

हफीजुल हसन ने बताया कि JMM पहले भी उपचुनाव से पहले प्रत्याशियों को मंत्री बनाकर चुनाव मैदान में उतार चुकी है। डुमरी उपचुनाव में बेबी देवी और मधुपुर उपचुनाव में उन्हें मंत्री बनाया गया था। हालांकि, पार्टी ने कई उपचुनाव बिना मंत्री बनाए भी जीते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि श्वेता शर्मा को मंत्री बनाया जाएगा या नहीं, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा। फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

JMM कार्यक्रमों में सक्रिय दिख रही हैं श्वेता शर्मा

गिरिडीह उपचुनाव को लेकर श्वेता शर्मा की राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा में है। हाल के दिनों में उनकी JMM के विभिन्न कार्यक्रमों में मौजूदगी देखी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर उनकी मौजूदगी और पार्टी कार्यक्रमों में भागीदारी को भी सियासी संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, JMM ने अभी तक श्वेता शर्मा की उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है या कोई दूसरा नाम सामने आता है। साथ ही, क्या उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी देकर चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, यह भी केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के बाद ही साफ होगा।